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Saturday, 16 February 2019

आखिर कब तक और क्यों

*आखिर कब तक और क्यों ?
रक्तरंजित होगा धरती माँ का सीना
हमारे वीर सपूतों से!
आखिर कब तक और क्यों?
यूँ ही हम सहते रहेंगे
इन नरभक्षी आतंकियों की दहशत को!
अब और नहीं बस बहुत हो गया
लेना होगा इंतकाम हमें
लेनी होगी भीष्म-प्रतिज्ञा
मिलकर हम सब भारतीयों को
जला के राख कर देंगे
मिटा कर रख देंगे वज़ूद
इन नरपिशाच आतंकियों का
अपनी इस मातृभूमि से
कर के रहेंगें भयमुक्त हम
अपनी भारत माता को
जय हिंद जय हिंद
शकुंतला
अयोध्या (फैज़ाबाद)*

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