आज भी मेरी नज़रे तुम्हें तलाशती हैं.......
वो मासूम सी बच्ची
खो गई कही जिम्मदारियों के बोझ से ,
चेहरे की रौनक, आँखों की चमक
सब माँ के साथ चली गई
माँ की साड़ी माँ की साड़ी को जब भी हाथों में उठाती हूँ, ऐसा लगता है जैसे तुम अभी यहीं कहीं हो, माँ... उसमें आज भी तुम्हारी ममता...