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Sunday, 26 July 2026

मोगरे की मुस्कान

मोगरे की मुस्कान 🌼

सफ़ेद कलियों की मीठी हँसी,
धरती पर उतरी जैसे चाँदनी बसी।
हर पंखुड़ी में सादगी का श्रृंगार,
महक से भर दे सारा संसार।

हर डाली पर मुस्कुराती बहार,
मन को देती प्रेम का उपहार।
मंद पवन जब इन्हें सहलाती,
हर कली मधुर गीत सुनाती।

टोकरी भर खुशबू का ख़ज़ाना,
प्रकृति ने कितना सुंदर है सजाना।
इन फूलों से सीखो जीवन का सार,
बाँटो प्रेम, महको हर बार।

मोगरे की महक यही कहती है—
"जो स्वयं महकता है, वही संसार को भी महका देता है।" 🌿🤍

5 comments:

  1.  आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में  शनिवार 01अगस्त, 2026 को लिंक की जाएगी ....  http://halchalwith5links.blogspot.in  पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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  2. बाँटो प्रेम, महको हर बार।
    सुन्दर संदेश

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  3. सुंदर चित्र और मोहक कविता

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