मोगरे की मुस्कान 🌼
सफ़ेद कलियों की मीठी हँसी,
धरती पर उतरी जैसे चाँदनी बसी।
हर पंखुड़ी में सादगी का श्रृंगार,
महक से भर दे सारा संसार।
हर डाली पर मुस्कुराती बहार,
मन को देती प्रेम का उपहार।
मंद पवन जब इन्हें सहलाती,
हर कली मधुर गीत सुनाती।
टोकरी भर खुशबू का ख़ज़ाना,
प्रकृति ने कितना सुंदर है सजाना।
इन फूलों से सीखो जीवन का सार,
बाँटो प्रेम, महको हर बार।
मोगरे की महक यही कहती है—
"जो स्वयं महकता है, वही संसार को भी महका देता है।" 🌿🤍
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