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Friday, 19 September 2025

भटका युवा

आज के युवा... बस उन्हें तो बाइक लड़की और हाथ में आईफोन बस इनकी मंजिल यही तक सीमित है....ये क्या जाने क्रांतिकारी क्या होता हैं 18 साल की छोटी सी उम्र में खुदीराम बोस जैसे युवाओं ने देश के लिए बलिदान दिया.... आज के युवा शर्म आती हैं मुझे इन्हें युवा कहते हुए ये क्या करेंगे देश के लिए जो खुद को ही आजाद नहीं कर पा रहे है इस सोशल मीडिया जैसी बेड़ियों से... मैं बहुत चिंतित हूं इस आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर कैसे इन तुच्छ चीजों से इनको बचाया जाय।

माँ की साड़ी

माँ की साड़ी माँ की साड़ी को जब भी हाथों में उठाती हूँ, ऐसा लगता है जैसे तुम अभी यहीं कहीं हो, माँ... उसमें आज भी तुम्हारी ममता...