*बैरी भईल ई सावन के महीनवां
न बुझेला जियरा का हाल हो बैरी सजनवां
हर वकत तरसाये तड़फाये ला हो बैरी सजनवां
जब जब लगाईला सिन्दूरवा हो बैरी सजनवां
आवे ला तोहार याद ओ बैरी सजनवां
जब जब लगाईला माथे पर टिकुली हो सजनवां
मुहाँ चिढ़ावे ला आइनावां हो बैरी सजनवां
जब हम लगाई ला होंठो पर लाली हो सजनवां
याद आवे ला तोहरी बतियाँ हो बैरी सजनवां
हर पल बाझेला चूड़ियाँ से कँगनवा हो सजनवां
याद आवे ला तोहसे लड़ाइयां हो बैरी सजनवां
छन्नकेला हरपल ई हमार बैरी पायलिया
सतावेला तोहरी तरह हो बैरी सजनवां
ई बिछुआ काटेला हमार अंगुलिया
रुलावेला तोहरी तरह हो बैरी सजनवां
जब जब हम रचाईला हथवा में मेहनी हो सजनवां
चढ़ाला रंग गाढ़ा मोहब्बत के हो बैरी सजनवां
ई सोलह सृंगार कुछ न भा ला हमें हो बैरी सजनवां
तोहरे बिना कुछ न सुझाला हो बैरी सजनवां
अब तो जावा हो हमार बैरी सजनवां
सतावेला ई बैरी सावनवां हो बैरी सजनवां**
*©®@शकुंतला**
फैज़ाबाद*
Translate
Saturday, 1 September 2018
बैरी सजनवां
Subscribe to:
Posts (Atom)
सुंदर स्त्रियां कौन होती हैं ?
सुंदर स्त्रियाँ कौन होती हैं? सुंदर स्त्रियाँ कौन होती हैं? क्या वे, जिनके चेहरे पर चाँद उतरता है, या वे, जिनकी हँसी से किसी उदा...
-
खालीपन क्या होता हैं? ये किसी बूढ़ी मां से पूछो जो अपने बच्चों से मिलने की आस लगाए दरवाज़े पर बैठे रास्ता निहारती रहती हैं सोचती है क्या ये ...
-
उस चांद से पूछो ? तुम हर दिन घटते बढ़ते क्यों रहते हो ? कभी तो लगता हैं हर दिन बढ़ रहा है प्यार तुम्हारा फिर भ्रम टूटने लगता है ...
-
पथ वरण करना सरल है, पथिक बनना ही कठिन है। दुख भरी एक कहानी सुनकर, अश्रु बहाना तो सरल है। बांध कर पलकों में सावन, मुस्कुराना ही कठिन है...