ये शाम जब भी आती हैं
तेरी यादों का
सैलाब उमड़ जाता हैं
और हम तेरी यादों के
समुंदर में डूबते
ही चले जाते हैं
तेरा इंतजार करते करते
कब भोर की
पहली किरण
मुझ पर पड़ी पता ही नहीं चला
तुम आओगे हमे है यकीन
इसी आशा में जी रही हूं मैं
सुंदर स्त्रियाँ कौन होती हैं? सुंदर स्त्रियाँ कौन होती हैं? क्या वे, जिनके चेहरे पर चाँद उतरता है, या वे, जिनकी हँसी से किसी उदा...