सुंदर स्त्रियाँ कौन होती हैं?
सुंदर स्त्रियाँ कौन होती हैं?
क्या वे, जिनके चेहरे पर चाँद उतरता है,
या वे, जिनकी हँसी से
किसी उदास मन में उजाला भरता है?
सुंदर स्त्रियाँ वे होती हैं—
जो आईने में अपना चेहरा नहीं,
अपनी पहचान तलाशती हैं,
जो भीड़ में खड़ी होकर भी
अपने होने की आवाज़ सुनती हैं।
वे केवल सजती नहीं,
वे रिश्तों को सँवारती हैं,
बिखरे हुए दिनों को
अपनी छोटी-सी हिम्मत से
फिर से जोड़ देती हैं।
कभी वे बारिश में भीगती हुई
बचपन को याद करती हैं,
कभी जिम्मेदारियों के बीच
अपने सपनों को चुपचाप पालती हैं।
उनकी सुंदरता में
थोड़ी शरारत भी होती है,
थोड़ी खामोशी भी,
कुछ अधूरे सपने भी
और बहुत सारी रोशनी भी।
वे हर बार मजबूत दिखें,
यह जरूरी तो नहीं—
कभी उनका रो लेना भी
उनकी ताकत की निशानी होती है।
सुंदर स्त्रियाँ वही हैं
जो अपने लिए भी जीना सीखती हैं,
गिरकर उठती हैं,
हारकर फिर कोशिश करती हैं,
और दूसरों की रोशनी में नहीं,
अपनी चमक में पहचानी जाती हैं।
चेहरा तो उम्र के साथ बदल जाता है,
मगर एक स्त्री का सुंदर मन
समय के साथ और निखरता है—
शायद इसलिए
सुंदर स्त्रियाँ देखी नहीं जातीं,
महसूस की जाती हैं। ❤️
शकुन्तला अयोध्या( फैजाबाद ) स्वरचित स्वाधिकार
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